खेती के लिए पारदर्शी सोलर पैनल कैसे लाभदायक है? | पारदर्शी सोलर पैनल से खेती में आएगी क्रांति - MS3 Naveen Kumar

खेती के लिए पारदर्शी सोलर पैनल कैसे लाभदायक है? | पारदर्शी सोलर पैनल से खेती में आएगी क्रांति

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पारदर्शी सोलर पैनल

घरेलु और औधोगिक उपयोग के साथ साथ पारदर्शी सोलर पैनल खेती के लिए भी काफी कारगर सिद्ध हो रहा है। खेती के लिए पारदर्शी सोलर पैनल आने वाले समय में एक क्रांति लाने का काम करेगी।  स्विट्ज़रलैंड की बिजली कंपनी रोमांडे एनर्जी (Romande Energy) और स्विस रिसर्च इंस्टिट्यूट (Swiss Research Institute) ने पारदर्शी सोलर पैनल की सहायता से एक अग्रीवोल्टाइक प्रोजेक्ट (Agrivoltaic Project) का निर्माण किया है।

खेती के लिए पारदर्शी सोलर
खेती के लिए पारदर्शी सोलर पैनल

इस प्रोजेक्ट को जुलाई 2021 में स्थापित किया गया है जो की 165 वर्ग मीटर में फैला हुआ है। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक कवर की जगह खेती के लिए पारदर्शी सोलर पैनल का इस्तेमाल किया जा रहा है जो की सूरज की किरणों का 30 प्रतिशत अवशोषित कर लेती है जिससे बिजली उत्पन्न होती है और 70 प्रतिशत किरणों को अपने से गुजरने देती हैं।

यहाँ स्ट्रॉबेरी और रसभरी उगाने का काम किया जा रहा है क्यूंकि इन पौधों को जयादा प्रकाश कीआवश्यकता नहीं होती है साथ हीं यह तेज धुप में ख़राब हो जाते हैं, यही कारण है की इन पौधों को पहले प्लास्टिक की शेड में लगाया जाता था।

पर अब इन प्लास्टिक की शेड की जगह पारदर्शी सोलर पैनल का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में जो खेती के लिए पारदर्शी सोलर पैनल का प्रयोग किया जा रहा है वह 1 वर्ग मीटर के आकर का है और 30 वाट पिक बिजली पैदा करती है।

खेती के लिए पारदर्शी सोलर पैनल कैसे लाभदायक है ?

खेती के लिए पारदर्शी सोलर
खेती के लिए पारदर्शी सोलर पैनल

खेती के लिए पारदर्शी सोलर पैनल का प्रयोग अभी हमारे देश में उतना प्रचलित नहीं है, पर अमेरिका, स्विट्जरलैंड जैसे विकसित देशो में इसका इसका काफी प्रचलन है और कई शोध भी हो रहे है।

जैसा की हम जानते है पारदर्शी सोलर पैनल सूरज की किरणों का कुछ हिस्सा अवशोषित कर लेती हैं जिससे बिजली वह बिजली पैदा करती है और बचे हुए किरणों को खुद से गुजरने देती है जो की फसलों और पौधों द्वारा प्रकाश संस्लेषण की प्रक्रिया के लिए प्रयोग में लाया जाता है।

पारदर्शी सोलर पैनल भी अलग अलग प्रकार के होते है अर्थात कुछ सोलर पैनल होते हैं जो सूरज की किरणों का 30 प्रतिशत अवशोषित कर लेते हैं और कुछ 70 प्रतिशत अर्थात अगर वैसे फसल  जिन्हे कम रौशनी की जरूरत है वैसी स्थिति में हम खेती की लिए पारदर्शी सोलर पैनल जो की 70 प्रतिशत किरणों को अवशोषित करता है उसका प्रयोग करेंगे।

पर वही अगर वैसे फसल जिन्हे जयादा प्रकाश की जरूरत है वैसी स्थिति में खेती के लिए पारदर्शी सोलर पैनल प्रयोग जो की केवल 30 प्रतिशत हीं अवशोषित करती है उनका प्रयोग करेंगे।

खेती के लिए पारदर्शी सोलर पैनल का इस्तमाल इसलिए भी काफी लाभदायक हो जाता है क्यूंकि पौधों को उतना हीं प्रकाश मिलता है जितना उन्हें जरूरत है और साथ हीं जयादा गर्मी या सूरज की तेज किरणों से पौधों को ख़राब होने से बचता है साथ हीं साथ यह पौधों के प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया को भी अनुकूल बनता है।

सभी हरे पौधे सूरज के प्रकाश को रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित करने के लिए प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया का उपयोग करते है जो उनके विकास को बढ़ावा देता है। इसी को लेकर इटली में दो फसलों के ऊपर प्रयोग किया गया, पालक और तुलसी। पालक सर्दिओं के मौसम में होता है और इसे बढ़ने के लिए कम रौशनी की जरूरत होती है वहीँ तुलसी के पौधे को बढ़ने के लिए अधिक रौशनी और उच्च तापमान की आवश्यकता होती है।

खेती के लिए पारदर्शी सोलर पैनल, तुलसी जैसे अधिक मूल्य वाले फसलों के लिए उतना लाभदायक नहीं होता है क्यूंकि इनके ऊपर जो पारदर्शी सोलर पैनल लगाए जाते हैं उनसे पैदा हुई बिजली का मूल्य पारदर्शी सोलर पैनल के कारण बायोमास उत्पादन में हुए नुकसान की भरपाई करता है पर वही जब पालक जैसे फसल जिसका मूल्य कम होता है वहां खेती के लिए सोलर पैनल का प्रयोग काफी लाभदायक हो जाता है। 

खेती के लिए पारदर्शी सोलर पैनल
खेती के लिए पारदर्शी सोलर पैनल

अगर हम दोनों की तुलना करे तो अर्थात उनका मुल्यांकन करे तो खेती के लिए पारदर्शी सोलर पैनल का प्रयोग करके तुलसी के पौधे और सोलर पैनल से पैदा हुई बिजली दोनों का मुनाफा मात्रा 2.5 प्रतिशत हीं होता है। पर वही अगर पालक के पैदावार से होने वाला मुनाफा और खेती के लिए पारदर्शी सोलर पैनल से पैदा हुई बिजली दोनों का मुनाफा 35 प्रतिशत से जयादा होता है जो की काफी जयादा है।

साथ हीं पालक और तुलसी के पत्ते का प्रयोगशाला विश्लेषण से पता चला कि दोनों में प्रोटीन की मात्रा अधिक थी। इससे पता चलता है कि पत्ते वाले पौधे कम रोशनी की स्थिति में प्रकाश संश्लेषण की क्षमता को बढ़ाने के लिए अतिरिक्त प्रोटीन का उत्पादन करते हैं। साथ हीं ऐसा भी पाया गया पालक के पत्तिओं का आकर सामान्य की तुलना से लम्बे होते हैं।

एक किसान की दृष्टिकोण से पत्तेदार सब्जिओं के पत्ते अगर आकर में बड़े होते हैं तो यह काफी फायदेमंद होता है। और साथ ही जैसे जैसे प्रोटीन की मांग बढ़ती जा रही है, पौधों की फसलों से प्रोटीन की मात्रा बढ़ने वाली तकनीकें भी काफी फायदेमंद होगी। 

वर्तमान में जहाँ कही भी अगर पारदर्शी कवर के निचे उगाई जाने वाली फसलों के साथ अगर खेती के लिए पारदर्शी सोलर पैनल का उपयोग करके बिजली पैदा की जाये जिससे किसानो को अतिरिक्त मुनाफा हो और साथ हीं साथ फसल के लिए भी अच्छा हो तो इससे अच्छी बात किसानो के लिए क्या हो सकती है।

FAQs:

Question: खेती के लिए पारदर्शी सोलर पैनल का प्रयोग किन पौधों के लिए लाभदायक होता है ?

Answer: खेती के लिए पारदर्शी सोलर पैनल का प्रयोग पत्ते वाले पौधों के लिए जयादा लाभदायक होता है लैस की पालक क्यूंकि उन्हें विकसित होने के लिए कम रौशनी की आवयश्कता।

Question: पालक की खेती किस मौसम में की जाती जाती है ?

Answer: पालक की खेती ठण्ड के मौसम में की जाती है ।

इम्पोर्टेन्ट लिंक (Important Link)

पारदर्शी सोलर पैनल क्या होता है ?

सर्दिओं के लिए अपने सोलर पैनल को तैयार कैसे करे ?

डोपिंग (Doping) क्या है और सोलर सेल बनाने में यह कैसे काम करता है ?

 

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  1. Very impressive, if this system is adopted by Indian farmers, they will inhance their products in many folds aand other hand dependency on electricity will be short.

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