(Induction Car Charging) इंडक्शन कार चार्जिंग क्या होता है और यह कैसे काम करता है ? - MS3 Naveen Kumar

(Induction Car Charging) इंडक्शन कार चार्जिंग क्या होता है और यह कैसे काम करता है ?

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इंडक्शन कार चार्जिंग (Induction Car charging)

Induction Car Charging: आज कल टेक्नोलॉजी दिन प्रति दिन काफी आगे बढ़ रही है, और आये दिन नए-नए शोध भी हो रहे हैं। आप इंडक्शन मोबाइल चार्जिंग (Induction Mobile Charging) के बारे में अवश्य जानते होंगे, पर आज हम यहाँ बात करने वाले है इंडक्शन कार चार्जिंग (Induction Car Charging) के बारे में।

जब भी हम इंडक्शन चार्जिंग (Induction Charging) के बारे में सुनते या बात करते है तो हमारे मन में एक सवाल जरूर आता है की इंडक्शन चार्जिंग (Induction Charging) क्या होता है और यह काम कैसे करता है।

इंडक्शन चार्जिंग जिसे वायरलेस चार्जिंग (Wireless Charging) या कॉर्डलेस (Cordless Charging) चार्जिंग भी कहा जाता है, एक प्रकार की वायरलेस पावर ट्रांसफर करने की प्रक्रिया है जो पोर्टेबल इक्विपमेंट (Portable Equipment) को बिजली प्रदान करने के लिए विद्धुत चुम्बकीये फील्ड (Electric Magnetic Field) का प्रयोग करता है । इंडक्शन चार्जिंग में पोर्टेबल इक्विपमेंट को चार्जिंग स्टेशन या चार्जिंग पैड (Charging Pad) के पास केवल रखने मात्र से उपकरण चार्ज होने लगते हैं ।

Induction Car Charging
Induction Car Charging

इंडक्शन चार्जिंग दो पैड के बीच चुम्बकीय प्रभाव (Electric Field) का प्रयोग करके काम करती है, जिसमे एक जमीन पर स्थित होता है और दूसरा कार के नीचे लगाया जाता है। अर्थात इसमें किसी भी प्रकार के कनेक्शन की जरूरत नहीं होती है।

आज कल इंडक्शन चार्जिंग बहुत सरे उपकरणों को चार्ज करने या संचालित करने के प्रयोग में लाई जाती है, जैसे की मोबाइल चार्ज करने के लिए इंडक्शन चार्जिंग काफी प्रचलन में है।

Induction Car charging
Induction Car charging

इंडक्शन कार चार्जिंग (Induction Car Charging) क्या होता है 

आज कल इलेक्ट्रिक कार काफी प्रचलन में है। इलेक्ट्रिक कार को बढ़ावा देने के लिए हर देश की सरकार अलग अलग योजनाए भी ला रहे है, इसके साथ बहुत सारे चार्जिंग स्टेशन भी खोले जा रहे हैं। कई यूरोपीय देश अगले दो दशकों में पेट्रोल और डीजल से चलने वाली गाडिओं की विक्री पर प्रतिबन्ध लगाने की भी योजना बना रही हैं।

इसके साथ इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनियां अलग अलग तरह के फीचर्स भी ला रही है, जिससे लोग इलेक्ट्रिक कार के तरफ आकर्षित भी हो रहे है। उसी फीचर्स में से एक है इंडक्शन कार चार्जिंग (Induction Car charging)। चार्जिंग के इस प्रक्रिया को इंडक्शन कार चार्जिंग (Induction Car charging) इसलिए रखा गया है क्यूंकि यह इंडक्शन के माध्यम से ऊर्जा को स्थानतरित करता है।

Induction Car charging
Induction Car charging

UK की एक कंपनी char.gy  electric कार के लिए स्ट्रीट इंडक्टिव चार्जिंग पर काम कर रही है। कंपनी के पास पहले से हिन् लैंप पोस्ट चार्जिंग का एक व्यापक नेटवर्क उपलब्ध है, लेकिन वह इलेक्ट्रिक कार मालिकों के लिए चार्जिंग विकल्पों में सुधार करना चाहती है जिनके पास ऑफ-स्ट्रीट पार्किंग नहीं है।

यूरोप अपने इलेक्ट्रिक कार इंफ्रास्ट्रक्चर में ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका से आगे है। लंदन जैसे कई यूरोपीय शहरों ने अल्ट्रा लो एमिशन ज़ोन (Ultra Low Emission Zone-ULEZ) को समर्पित किया है, जो गैर-विद्युतीकृत वाहनों के ड्राइवरों से प्रवेश करने के लिए शुल्क लेते हैं। यह कार मालिकों को इलेक्ट्रिक कार पर स्विच करने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश कर रहा है।

इसका उद्श्य है, सभी कार मालिकों को एक किफायती चार्जिंग पॉइंट तक पहुंचना, भले हीं उनके पास अपनी कार पार्किंग और अपने इलेक्ट्रिक कार को चार्ज करने के लिए जगह हो या न हो।

इंडक्शन कार चार्जिंग (Induction Car Charging) काम कैसे करता है ?

चार्जिंग के इस प्रक्रिया में सबसे पहले चार्जिंग स्टेशन या चार्जिंग पैड में लगे इंडक्शन कॉइल से अल्टेरनेटिंग करंट (AC) होकर गुजरता है। जब इंडक्शन कॉइल से अल्टेरनेटिंग करंट (AC) होकर गुजरता है जिसके फलस्वरूप एक चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है।

इसी चुम्बकीये क्षेत्र से पोर्टेबल डिवाइस जैसे की इलेक्ट्रिक कार में लगा रिसीवर जो की , इंडक्शन कॉइल में एक वैकल्पिक विद्युत प्रवाह बनाता है, जो बदले में एक रेक्टिफायर से होकर इसे डायरेक्ट करंट (DC) में बदल देता है, जिससे कार में लगी बैटरी चार्ज हो जाती है। 

यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है की सेन्डर (Sender) और रिसीवर (Receiver) में जो एंटीना लगा होता है वह डायरेक्ट करंट (Direct Current-DC) पर आधारित होता है। चुकी ग्रिड से अलटरनेट करंट (AC) आती है तो यहाँ सेन्डर का काम होता है, उस अलटरनेट करंट (AC) को डायरेक्ट करंट (DC) में परिवर्तित करके रिसीवर (Receiver) को भेजना।

अब यहाँ रिसीवर डायरेक्ट करंट (DC) को प्राप्त करता है और उसके उपरांत उसे अलटरनेट करंट (AC) में परिवर्तित करता है, जिससे कार में लगी बैटरी चार्ज होती है।

यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है, चुकी बिजली को AC से DC और फिर DC से AC में बदला जाता है जिससे इसकी क्षमता कम हो जाती है, जो की लगभग 92%, ±2% होती है पर वहीँ अगर हम बात करे वायर्ड चार्जिंग की इसकी चार्जिंग क्षमता 96%, ± 2% होती है।

इंडक्शन कार चार्जिंग (Induction Car charging) या टच-फ्री चार्जिंग को संभव बनाने के लिए Char.gy ने चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को सड़क की सतह में एकीकृत करने की योजना बनाई है। सभी चालकों को अपने वाहन को चार्जिंग प्लेट के ऊपर खड़ा करना होगा। यह ठीक उसी तरह से काम करता है जैसे चार्जिंग पैड पर आपके स्मार्टफोन को बिना वायर के चार्ज किया जा सकता है।

Induction Car charging
Induction Car charging

हलाकि अभी तक Char.gy कंपनी द्वारा यह नहीं बताया गया है की इंडक्शन कार चार्जिंग (Induction Car charging) की क्षमता क्या है अर्थात यह कितनी जल्दी चार्ज कर सकती है, पर इनके लैंप पोस्ट पॉइंट की क्षमता 7.7 kWh है अर्थात यह Hyundai Ioniq 5 की 72.6 kWh बैटरी को चार्ज करने में लगभग 10 घंटे का समय लगेगा।

Induction Car charging
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FAQs

Question: इंडक्शन कार चार्जिंग (Induction Car charging) के क्या फायदे है ?

Answer: चुकी इंडक्शन कार चार्जिंग (Induction Car charging) में किसी भी प्रकार का कनेक्शन नहीं होता है और ना हीं केबल में किसी भी प्रकार का हलचल होती है, यही कारन है की इसमें इंसुलेशन फेलियर या किसी भी प्रकार का शार्ट सर्किट का खतरा नहीं होता है।इसके साथ साथ चुकी इसमें चार्जिंग केबल नहीं होने कारण पैदल चलने वालो के लिए किसी भी प्रकार का खतरा उत्पन्न नहीं करता है।

Question: इंडक्शन कार चार्जिंग (Induction Car charging) काम कैसे करता है ?

Answer: इंडक्शन कार चार्जिंग (Induction Car charging) एक प्रकार का वायरलेस पावर ट्रांसफर करने की प्रक्रिया है जो की चुम्बकीय प्रभाव पे काम करता है। इंडक्शन चार्जिंग दो पैड के बिच चुम्बकीये प्रभाव का प्रयोग करके काम करती है। जिसमे एक जमीन पर स्थित होता है और दूसरा कार के निचे लगाया जाता है।

अर्थात इसमें किसी भी प्रकार के कनेक्शन की जरूरत नहीं होती है। आज कल इंडक्शन चार्जिंग का प्रयोग आप काफी उपकरणों को चार्ज करने या फिर संचालित करने के प्रयोग में देखा जा सकता है, जैसे की मोबाइल चार्ज करने के लिए इंडक्शन चार्जिंग काफी प्रचलन में है।

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