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सोलर मॉडुल (Solar Module) खरीदते समय इन 4 बातो का जरूर ख्याल रखे

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सोलर मॉडुल (Solar Modules) सोलर एनर्जी सिस्टम का एक अहम् हिस्सा है। सोलर मॉडुल (Solar Modules) क्या है, इसमें कितने परत होते है, और ये कैसे बनता है इसकी जानकारी के लिए मैंने एक अलग आर्टिकल लिखा है। डिटेल में पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

अब बात आती है जब आप मार्केट से सोलर मॉडुल (Solar Modules) खरीदने जाते हैं तो किन बातो का ख्याल रखना चाहिए। इसके बारे में आपको डिटेल में पता होना बहुत जरूरी है, क्यूंकि आजकल बहुत सारी कंपनी सोलर मॉडुल (Solar Modules) बना रही है, पर आपके लिए कौन सा अच्छा है, आपको कौन सा मॉडुल खरीदना चाहिए, इसके लिए आपको इन बातो के बारे जानना बहुत जरूरी है।

Solar Module
Solar Module

सोलर मॉडुल (Solar Module) खरीदते समय किन बातो का ख्याल रखना चाहिए ?

मॉडुल खरीदते समय इन 4 बातों का जरूर ख्याल रखे

  1. सोलर मॉडुल की बिजली पैदा करने की क्षमता
  2. सोलर मॉडुल का स्ट्रेंथ (Strength)
  3. सोलर मॉडुल कितने तापमान के लिए बना है
  4. सोलर मॉडुल का वारंटी (Warranty)

सोलर मॉडुल (Solar Module) की बिजली पैदा करने की क्षमता

जब भी आप सोलर मॉडुल (Solar Module) खरीदने जाते हैं तब आपको ये अवश्य सुनिश्चित करना चाहिए, की आप जिस मॉडुल का चयन कर रहे है उसकी बिजली पैदा करने की क्षमता कितनी है। आप जिस लोकेशन पे रह रहे हैं, वहां का मौसम कैसा है, सूरज की किरणे आपके छत पर कितने देर तक रहती है।

इसके लिए आपको ये जानकारी होनी चाहिए की सोलर मॉडुल के कितने प्रकार है। और उनकी विशेषताएं क्या है ?

सामान्यतः सोलर मॉडुल 2 प्रकार के होते हैं। मोनोक्रिस्टलीन और पोलीक्रिस्टलीन। आपके घर के लिए कौन सा सोलर मॉडुल अच्छा है इसकी जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे (Click Here)। और साथ हीं सोलर मॉडुल की डिटेल जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे (Click Here)

सोलर मॉडुल के पीछे आपको इसकी डिटेल में जानकारी दी रहती है। आप वहां से मॉडुल के मैन्युफैक्चरर, उसकी बिजली पैदा करने की क्षमता की सारी जानकारी मिल जाएगी।

Solar Module Name Plate
Solar Module Name Plate

इसकी क्षमता मापने के लिए आप क्लैंप मीटर या मल्टी मीटर का प्रयोग कर सकते हैं। इसकी मदद से आप सोलर मॉडुल का वोल्टेज (Voltage) और करंट (Current) आसानी से पता कर सकते हैं।

सोलर मॉडुल (Solar Module) का स्ट्रेंथ

किसी भी सोलर मॉडुल (Solar Module) का स्ट्रेंथ उसको बनाने में प्रयोग की जाने वाली छोटी सी छोटी चीजों पे निर्भर करता है। सोलर मॉडुल को बनाने में कई सारी चीजों का इस्तेमाल किया जाता है जैसे की सोलर सेल (Solar Cell), गिलास शीट (Glass Sheet), वायर बस (Bus Wire), मेटल फ्रेम (Metal Frame), जंक्शन बॉक्स (Junction Box), MC4 कनेक्टर (MC4 Connector)। इन सब का डिटेल में स्पेसिफिकेशन जानना बहुत जरूरी है।

सोलर सेल (Solar Cell) बहुत हीं नाजुक होता है अतः इसकी सुरक्षा के लिए सोलर मॉडुल के ऊपर टेम्पर्ड ग्लास लगाया जाता है। टेम्पर्ड ग्लास नार्मल ग्लास की तुलना में काफी मजबूत होता है। और सोलर मॉडुल में लगे सेल्स सुरक्षित रहते हैं।

सोलर मॉडुल को सुरक्षित रखने के लिए इसको एक एल्युमीनियम के फ्रेम में रखा जाता है ताकि इसकी मजबूती बानी रहे। और इसे इनस्टॉल करने में कोई परेशानी न हो। इसमें एल्युमीनियम का प्रयोग इसलिए भी करते हैं ताकि मॉडुल को अर्थिंग करने में कोई परेशानी न हो, क्यूंकि एल्युमीनियम एक अच्छा कंडक्टिव मेटल होता है और इसमें जंक भी नहीं लगती है।

सोलर मॉडुल लेते समय ये जरूर देखे की उसमे प्रयोग होने वाला जंक्शन बॉक्स किस रेटिंग का है, IP68 है या IP67 है। IP68 पूरी तरह वाटरप्रूफ होता है जबकि IP67 कुछ हीं समय तक पानी को अंदर जाने से बचा सकता है।

जंक्शन बॉक्स का पूरी तरह वाटरप्रूफ होना बहुत जरूरी है ताकि इसके अंदर लगे डायोड जो करंट को एक दिशा में जाने के लिए बाधित करता है जिससे करंट बैटरी से मॉडुल में न जाये, और सोलर मॉडुल (Solar Module) सुरक्षित रहे।

सोलर मॉडुल (Solar Module) में DC वायर जो की 6 sqmm या 4 sqmm का होना चाहिए। उसमे MC4 कन्नेक्टर लगा होना चाहिए, जो की एक सोलर मॉडुल को दूसरे से जोड़ने में मदद करता है और शार्ट सर्किट नहीं होने देता है।

सोलर मॉडुल (Solar Module) कितने तापमान के लिए बना है

सोलर मॉडुल कितने तापमान के लिए बना है, इसका मतलब होता है की मॉडुल का ऑपरेटिंग टेम्परेचर कितना है। सामान्यतः सोलर मॉडुल 25 डिग्री सेल्सियस पे सबसे जयादा बिजली पैदा करती है मतलब की इसकी एफिशिएंसी सबसे जयादा होती है। इसका डिटेल आपको मॉडुल के पीछे name plate मिल जाएगा।

सोलर मॉडुल की वारंटी (Warranty)

जब भी आप सोलर मॉडुल (Solar Module) खरीदने जाते हैं तो उसके वारंटी के बारे में जरूर पता करे। मार्केट में जितनी सोलर मॉडुल की कंपनी है जयादातर 25 साल के लिए वारंटी देती है। पर सोलर मॉडुल में जो वारंटी दी जाती है वो दो तरह की होती है।

एक जो परफॉरमेंस पे वारंटी देती है। इसका मतलब है की कंपनी जो मॉडुल की स्पेसिफिकेशन बता रही है अगर वो नहीं मिलता तब कंपनी उसे ठीक करेगी या बदल के देगी।

दूसरा केवल सोलर मॉडुल की वारंटी। मतलब इसमें परफॉरमेंस की कोई गारंटी नहीं है। आपको इससे बिलकुल बचना चाहिए। 

 

ऐसे हीं और जानकारी के लिए हमारे साथ बने रहे। 

FAQs:

Question: सोलर मॉडुल (Solar Module) में जो मेटल फ्रेम लगा होता है, किस मटेरियल का बना होता है ?

Answer: सोलर मॉडुल में मेटल फ्रेम एल्युमीनियम (Aluminium) का बना होता है, क्यूंकि इसका कंडक्टिविटी आयरन (Iron) की तुलना में ज्यादा होता है। और इसमें जंग भी नहीं लगती है।

Question: सोलर मॉडुल (Solar Module) में कुल कितने लेयर होते हैं ?

Answer: कुल 6 लेयर होते है।

Question: सोलर मॉडुल में जंक्शन बॉक्स किस रेटिंग का होना चाहिए ?

Answer: जंक्शन बॉक्स IP68 का होना चाहिए, क्यूंकि यह पूरी तरह वाटर प्रूफ होता है, और इसके अंदर लगे डायोड को पानी से ख़राब होने से बचता है।

Question: क्या सोलर मॉडुल की बिजली पैदा करने की क्षमता तापमान पर निर्भर करती है ?

Answer: हाँ, 25 डिग्री सेल्सियस पे सोलर मॉडुल सबसे जयादा बिजली पैदा करती है, और इसकी क्षमता (efficiency) भी सबसे जयादा होती है। 

Question: मोनोक्रिस्टलीन सोलर मॉडुल (Monocrystalline solar Module) की क्षमता (efficiency) कितनी होती है ?

Answer: 18 % से 22 % तक होती है।

Question: पोलीक्रिस्टलीने सोलर मॉडुल (Polycrystalline solar Module) की क्षमता (efficiency) कितनी होती है ?

Answer: 15 % से 17 % तक होती है।

 

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